छत्तीसगढ़ के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री का संबोधन: विकास, बस्तर और जनकल्याण पर सरकार का फोकस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ी सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत रोडमैप सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और छत्तीसगढ़ के वीर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराया।
बस्तर के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बस्तर को सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में अब सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भाषण में दावा किया गया कि इससे बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है।

बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कर
ने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए
गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना भी बताई गई।
बस्तर में स्वास्थ्य और आजीविका पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।
वहीं, बस्तर के लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।
दूरस्थ इलाकों में सड़क और परिवहन सुविधा बढ़ाने के लिए 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने तथा ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ पहुंचाने की बात कही गई।
किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का दावा
मुख्यमंत्री ने किसानों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य में धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से की जा रही है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने पर 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने की घोषणा का भी उल्लेख किया गया।
इसके अलावा सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी और सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का उल्लेख किया गया।
आवास और खाद्यान्न योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए हैं और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।
गरीब परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को लाभ मिलने की बात कही गई।
महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना
महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19,444 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की जानकारी दी।
भाषण के अनुसार 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है, जबकि 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा अभियान का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
वनाधिकार पट्टों के नामांतरण, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में बताया गया।
युवाओं के लिए भर्ती और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया गया है।
भाषण में पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती, शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती का उल्लेख किया गया।
अग्निवीरों के लिए भी बड़ा निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
AI और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य AI मिशन को मंजूरी देने की जानकारी दी गई। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य बताया गया।
सरकार के अनुसार छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा में विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
इसी सत्र से गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की जानकारी दी गई। नवा रायपुर में मेडिसिटी विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई।
उद्योग और निवेश पर सरकार का फोकस
नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेश आकर्षित करने के लिए देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 1.74 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई।
प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, फर्नीचर क्लस्टर और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
ऊर्जा और कनेक्टिविटी को लेकर योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आयोजित समिट के दौरान 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
साथ ही रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क जैसी परियोजनाओं को प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 829 मोबाइल टावर लगाए जाने और 5,659 ग्राम पंचायतों को भारतनेट 3.0 के जरिए हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने की योजना की जानकारी दी गई।
पर्यटन और संस्कृति पर भी जोर
सरकार बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के तहत काम करेगी। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और यहां टेंट सिटी बनाने की योजना बताई गई।
सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ बनाने की योजना का भी उल्लेख किया गया।
लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सम्मान देने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने की घोषणा की गई।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों के लिए ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाने की बात कही गई।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है। वहीं ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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सरकार ने ई-ऑफिस, स्मार्ट पंजीयन कार्यालय, ऑटो म्यूटेशन और अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र जैसी पहलों को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य सामूहिक प्रयास से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र ‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्’ का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जय हिंद, जय छत्तीसगढ़’ के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।






