रायपुर। डॉ. गौरव सिंह ने आज शासकीय संस्कृत महाविद्यालय का दौरा कर वहां संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध ऐतिहासिक धरोहरों और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
प्राचीन धरोहरों को संरक्षित करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महाविद्यालय में रखी गई दुर्लभ और प्राचीन पांडुलिपियों को देखा और उनके संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियाँ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनका संरक्षण बेहद जरूरी है।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वदीप (निगम आयुक्त), कुमार बिश्वरंजन (सीईओ जिला पंचायत) और नंदकुमार चौबे (एसडीएम) सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा
दौरे के दौरान महाविद्यालय के अधिकारियों ने कलेक्टर को पांडुलिपियों के ऐतिहासिक महत्व और उनके संरक्षण की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। साथ ही भविष्य में इन धरोहरों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर का यह दौरा न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि इससे शैक्षणिक संस्थानों में ऐतिहासिक धरोहरों के महत्व को भी बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर में कलेक्टर का खास दौरा
डॉ. गौरव सिंह ने संस्कृत महाविद्यालय पहुंचकर प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण पर जोर दिया।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
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