विदेश न्यूज….मध्य पूर्व में चल रहा तनाव अब वैश्विक संकट में बदलता नजर आ रहा है। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ती अस्थिरता ने दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा खतरा खड़ा कर दिया है।
हॉर्मुज में ‘सिक्स नेशन’ ऑपरेशन की तैयारी
ईरान के कथित हमलों के बाद यूरोप के 5 देश—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड—साथ ही जापान ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। इन देशों ने हॉर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त सैन्य और कूटनीतिक अभियान चलाने का ऐलान किया है।
इस गठबंधन का उद्देश्य:
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व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा
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तेल सप्लाई चेन को बहाल करना
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क्षेत्र में सैन्य संतुलन बनाना

क्यों अहम है हॉर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से:
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वैश्विक तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है
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एलपीजी और LNG सप्लाई निर्भर करती है
ईरान द्वारा ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं से हमलों के बाद:
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सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं
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वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो गई है
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भारत जैसे देशों पर सीधा असर पड़ा है
कतर और सऊदी अरब पर हमले, अरबों का नुकसान
कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की गई है।
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LNG उत्पादन में लगभग 17% गिरावट
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अनुमानित $20 बिलियन का नुकसान
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वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता
इजरायल पर ईरान का मिसाइल हमला
ताज़ा घटनाक्रम में ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं:
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यरूशलम समेत कई शहरों में सायरन
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लोग बंकरों में शरण लेने को मजबूर
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हालात युद्ध जैसे
अमेरिका को भी भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में अमेरिका को भी बड़ा नुकसान हुआ है:
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16 सैन्य विमान नष्ट
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10 MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए गए
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‘फ्रेंडली फायर’ और तकनीकी खराबी से भी नुकसान
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कुवैत में F-15 जेट क्रैश
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KC-135 टैंकर विस्फोट में 6 लोगों की मौत
नेतन्याहू का बयान
बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा:
“इजरायल अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है।”
उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा कि अमेरिका अपने हितों के आधार पर ही फैसले लेता है।
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क्या बढ़ेगा युद्ध?
लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई संकेत दे रहे हैं कि:
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संघर्ष सीमित नहीं रहेगा
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बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा

‘प्लान-B’ क्या है?
सिक्स नेशन गठबंधन ने वैकल्पिक रणनीति भी तैयार की है:
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अन्य देशों से तेल उत्पादन बढ़ाने की अपील
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ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की कोशिश
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सैन्य सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। हॉर्मुज से लेकर इजरायल तक तनाव चरम पर है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संकट वैश्विक युद्ध और आर्थिक मंदी में बदल सकता है।
आने वाले कुछ दिन पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।







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